Monday, 30 April 2018

जीवन में संघर्षों का क्रम चलता आया है

जीवन में संघर्षों का क्रम चलता आया है,
 और रात की गोद प्रात पलता आया है l
 चिर अशांति या पीड़ित मन आलोकित करने,
 सम्बन्धों का स्नेह सदा जलता आया है l

Sunday, 29 April 2018

जिसकी बुद्धि प्रखर होती है,वही व्यक्ति मेधावी होता

जिसकी बुद्धि प्रखर होती है,वही व्यक्ति मेधावी होता,
 मेधावी ही आगे बढ़ कर, प्रज्ञावान प्रभावी होता l
 अगर विवेकी बनना है तो, बस सत्संग सदा आवश्यक,
 गुणी, पारखी और विवेकी, वह ही प्रतिभा शाली होता l

Saturday, 28 April 2018

पुत्र पिता से जाना जाता यही नियम है


पुत्र पिता से जाना जाता यही नियम है,
 पिता पुत्र से जाना जाये होता कम है l
 पिता धन्य है जिसका पुत्र सवाया होता,
 दशरथ जाने गये राम से यह अनुक्रम है l

Thursday, 26 April 2018

श्री राम


   इष्ट सभी के एक है, विविध उन्हीं के नाम,
 लेकिन मुझको प्रिय लगा,दशरथ नन्दन राम

लक्ष्य सामने रखने वाले, कभी नहीं रुकते हैं

लक्ष्य सामने रखने वाले, कभी नहीं रुकते हैं
 जो श्रम के आदि हो जाते , कभी नहीं थकते हैं 
धीरे धीरे चलो , सामने लक्ष्य बनाओ निश्चित
 कितनी भी कठिनाई आए , कभी नहीं झुकते हैं

Wednesday, 25 April 2018

आशा फलती उन्हीं की, जिनको है सन्तोष,

आशा फलती उन्हीं की, जिनको है सन्तोष,
 जो प्रयासरत ही रहें, भरते हैं वे कोष l
 मानव की पीड़ा हरें, वे ही पाते मान,
 सेवा धर्म प्रधान है, तब बनती पहिचान l

Friday, 20 April 2018

सिया राम मय जगत है,जन जन का आधार

सिया राम मय जगत है,जन जन का आधार,
 मिथ्या सब संसार है, प्राणी यह है सार l
 सिया राम मय जगत है,जन जन का आधार,
 मिथ्या सब संसार है, प्राणी यह है सार l

Thursday, 19 April 2018

जो सोचते हैं जग भला,तो हुआ उनका भला

जो सोचते हैं जग भला,तो हुआ उनका भला,
 मन मिलेंगे दूर होगा, दूरियों का सिलसिला l
 आपसी सद भाव का जो पाठ पढ़ते सर्वदा,
 देश हित में सोचते, सम्मान उनको ही मिला l

Wednesday, 18 April 2018

कुछ बातें हैं काम की, इनको करिये रोज

कुछ बातें हैं काम की, इनको करिये रोज,
उसका फल फिर देखिये, आप मनाएं मौज.
 स्वच्छ वस्त्र पहिनो सदा, आसन भी हो स्वच्छ,
बस सुगन्ध हो पास में, स्वच्छ सदा हो कक्ष.
 बच्चों के संग खेलिए, इतना रखिये ध्यान,
उन्हें जिताओ हार कर, सदा बढ़ेगा मान.
 कभी दीन के संग भी, भोजन हो स्वीकार,
आप आत्म सुख पायगें, बहे नेह की धार.
 जमा समय से बिल करो, रहो समय पाबन्द,
पाँच मिनट आगे घड़ी- रखो, रहो सानन्द.

Tuesday, 17 April 2018

आपस में सौहार्द बढाता है अपनापन

आपस में सौहार्द बढाता है अपनापन,
आपस में सद्भाव जगाता है निज चिन्तन,
वैचारिक मतभेद कभी भी हो सकते हैं,
यदि होगा मनभेद, नष्ट होता है जीवन.

Monday, 16 April 2018

आयु होती क्षीण, यदि निन्दा करें विद्वान की

आयु होती क्षीण, यदि निन्दा करें विद्वान की,
तप नष्ट होता जायेगा, यदि मान्यता अभिमान की l
झूठ बोला तो समझ लो, नष्ट होगा यज्ञ फल,
दूसरों से यदि कही, महिमा कहाँ फिर दान की

मन में जब भी दूरी बढती, तो उसका परिणाम कलह है

मन में जब भी दूरी बढती, तो उसका परिणाम कलह है,
 तिरिस्कार जब भी मिलता है, उसकी कोई रही बजह है l
 माना यह सबको समझोते, करना पड़ते हैं जीवन में,
 इनसे जो ऊपर उठ जाता, उसकी अपनी स्वयम जगह है l

Sunday, 15 April 2018

योग ऐश औ आराम से जीवन कटे, यह भोग है,


योग ऐश औ आराम से जीवन कटे, यह भोग है,
 असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l


परमात्मा से मन सहज हम जोड़ कर देखें सही,
स्वस्थ हो तन मन हमारा,बस यही तो योग है l

 जीवन का यदि सम्यक ढंग से करना है उपयोग,
अल्पाहारी, संग में निद्रा, करें आप उपयोग l

 हम शतायु की सोचें मन में, रहना हमें निरोग,
स्वास्थलाभ संग,मन प्रसन्न हो,नियमित करिये योग l

Saturday, 14 April 2018

वे दोनों तो ऐक हैं, क्या रहीम क्या राम

वे दोनों तो ऐक हैं, क्या रहीम क्या राम,
 हम में ही दुर्बुद्धि है, इसीलिये कुहराम l
 मिटटी की यह देह है, सब में ज्योति समान,
 क्या हिन्दू, क्या मुसलमा, क्यों होते हैरान l

Saturday, 31 March 2018

अंधे देखें कृपा से, मूक बनें वाचाल

अंधे देखें कृपा से, मूक बनें वाचाल,
 राम कृपा से पंगु भी,गिरिवर चढ़ें विशाल l
 जिसकी जैसी भावना, वैसे उसके राम,
 श्रृद्धा हम उन पर करें,बिगड़े बनते काम l

Friday, 30 March 2018

भक्त शिरोमणि राम हैं, सदा भक्त पर नेह

भक्त शिरोमणि राम हैं, सदा भक्त पर नेह,
तुम भी भज लो राम को, मानो निस्संदेह l
राम मर्म को जानिये, आयेगा आनन्द,
पुलकित तन मन हो सदा,छूटेगा छ्लछ्न्द l

Wednesday, 28 March 2018

पौरुष शक्ति समर्थ जो,क्षमा रहे यदि पास

पौरुष शक्ति समर्थ जो,क्षमा रहे यदि पास,
निर्धन हो पर दान दे ,ईश्वर का वह ख़ास l
सदा ऐक रस ही रहे, भय हो फिर प्यार,
हानि,लाभ,जीवन,मरण, सब उसके अनुसार l

Tuesday, 27 March 2018

अब तक जिसने भी लिखी,राम कथा निस्वार्थ

अब तक जिसने भी लिखी,राम कथा निस्वार्थ,
पाया उसने परम पद, हुआ यही चरितार्थ l
तन्त्र मन्त्र सब व्यर्थ हैं, राम भजन है सार,
करके तो देखो स्वयम, पाओ स्वच्छ विचार l

Monday, 26 March 2018

सत्यं शिवं सुन्दरम की गूंजी है वाणी

सत्यं शिवं सुन्दरम की गूंजी है वाणी,
सत्यमेव जयते की हमने पढ़ी कहानी,
ऐक झूठ सौ बार कहें क्या सच हो सकता,
सच तो सच है, यही बात जानी पहिचानी l

Sunday, 25 March 2018

सत्य निष्ठा राम में होना जरूरी है

सत्य निष्ठा राम में होना जरूरी है,
यदि समर्पण भाव है, तो फिर न दूरी है l
छल,कपटव्यवहार,निन्दा यदि रही मन में,
चाह कर भी साधना रहती अधूरी है l

Saturday, 24 March 2018

राम नवमीं पर विशेष


अगर कामना मोक्ष की, या चाहो सुरधाम,
 वह तुमको मिल जायगा, प्राणी जप तू राम l
 काम सभी हों राम संग, पूजा हो निष्काम,
 राम नाम हो उच्चरित, मुख से आठों याम l

Thursday, 22 March 2018

इष्ट सभी के ऐक हैं, विविध उन्हीं के नाम

इष्ट सभी के ऐक हैं, विविध उन्हीं के नाम,
लेकिन मुझको प्रिय लगा, दशरथ नन्दन राम l
राम नाम इक मन्त्र है, इसे जपो दिन रैन,
बाधाएँ कट जांयगी, तुम्हें मिलेगा चैन l

Wednesday, 21 March 2018

कवि का यदि स्तर गिरा,घट जाता सम्मान

कवि का यदि स्तर गिरा,घट जाता सम्मान,
मात्र प्रशंसा से नहीं, हो सकता कल्याण.

Tuesday, 20 March 2018

‘बसन्त’ गेहूँ की बाल देख, सबने सुख पाओ है

‘बसन्त’ गेहूँ की बाल देख, सबने सुख पाओ है,
सरसों जो फूल रही, चेहरा मुस्काओ है.
कोयल की कू कू सुन, आम बोराओ है,
होरी मनाबे खों, बसन्त आज आओ है.

Monday, 19 March 2018

तन सुखी रहता सदा जग रीत से

तन सुखी रहता सदा जग रीत से,
 मन सुखी जो हार बदले जीत में,
 है लड़ाई आज भी, जग में यहाँ,
 लड़ सकें कैसे यहाँ अन रीत से l

Saturday, 17 March 2018

नहीं अर्थ इसका कुछ होता, मैंने कितना खाया

नहीं अर्थ इसका कुछ होता, मैंने कितना खाया,
सार्थक यह माना जायेगा, कितना गया पचाया l
यह महत्व की बात नही है, कितना यहाँ कमाया,
इसका यहाँ महत्व अधिक है, सच में क्या बच पाया l
महत्व पूर्ण यह नहीं कि जीवन, कितना बीत गया है,
महत्व पूर्ण यह ही होता है, कैसे जिया गया है l

Friday, 16 March 2018

कवि ही ऐसा प्राणी है जो, गागर में सागर को भरता

कवि ही ऐसा प्राणी है जो, गागर में सागर को भरता
केवल वाणी के ही बल पर,
सम्मोहित सारा जग करता,
सीधी, सच्ची, बातें कह कर,
मर्म स्थल को वह छू लेता आकर्षित हो जाते जन जन,
भावों में भरती है दृढ़ता l

Thursday, 15 March 2018

सेवा भाव समर्पण ही बस, मानव की पहिचान है

सेवा भाव समर्पण ही बस, मानव की पहिचान है, 
जिसको है सन्तोष हृदय में, सच में वह धनवान है l 
यों तो मरते,और जन्मते,जो भी आया यहाँ धरा पर, 
करता जो उपकार सदा ही, पाता वह सम्मान है l

Thursday, 8 March 2018

उसकी यदि होगी कृपा, होगा तब आभास

उसकी यदि होगी कृपा, होगा तब आभास,
नहीं दूर वह आपसे, वह तो रहता पास.
हिल मिल कर जो रह सके, मिल जुल कर जो खात,
उसको प्रभु की ओर से, मिली सदा सौगात.

Tuesday, 6 March 2018

भगवान राम के प्रति

योग,यज्ञ,जप,तप सभी, व्यर्थ उपाय तमाम,
 बिना परिश्रम किये ही, मिल सकते श्री राम.
 भाँग, तमाखू, सूरा का, उतरे नशा प्रभात,
 राम नाम का नशा है, जो रहता दिन रात.

Monday, 5 March 2018

राजनीति में हर जगह, हावी है अब स्वार्थ

राजनीति में हर जगह, हावी है अब स्वार्थ,
तुम हमको,हम तुम्हें दें,क्या यह है परमार्थ.
कार्य समीक्षा कर रहे,आत्म प्रशंसा गान,
पाया कितना बीच में, इसका करो बखान.

Sunday, 4 March 2018

आपस में मिल बैठिये,मन मुटाव हो दूर

आपस में मिल बैठिये,मन मुटाव हो दूर, 
तो होली सार्थक रहे, मद हो चकनाचूर. 
रंग, बिरंगी हो रही, सतरंगी बौछार, 
अमिट छाप यह प्रेम की,द्वेष रहें निस्सार.

Saturday, 3 March 2018

होली पावन पर्व है, रहे न यह भदरंग

होली पावन पर्व है, रहे न यह भदरंग,
सुन्दरता इसकी बढे, भर दें ऐसे रंग,
फूलों की होली मने, बृज की बने मिसाल,
प्रेम,दया,सौहार्द ही, दिखना है हर साल.

Friday, 2 March 2018

स्नेह और सदभाव का, माथे लगे गुलाल

स्नेह और सदभाव का, माथे लगे गुलाल,
प्रेम रंग ऐसा लगे, सब हो जाँय निहाल.

Thursday, 1 March 2018

सरसों फूली खेत में, न्योता देत बसन्त

सरसों फूली खेत में, न्योता देत बसन्त,
धानी धरती देख कर, दुख का होता अन्त.
ऋतु बसन्त में देखिये, कामदेव का काम,
सब चाहें प्रिय संग हो, बिन प्रिय सभी अकाम.

Tuesday, 27 February 2018

सम्पदाय हैं बहुत से, अपना अपना ज्ञान

सम्पदाय हैं बहुत से, अपना अपना ज्ञान, 
निर्बल को प्रभु मिल सके,उसका रक्खा मान. 
उसे ढूढने के लिए, पढ़े अनेकों ग्रन्थ, 
 उससे मिलना सुलभ है,कोई भी हो पन्थ.

Monday, 26 February 2018

मीठी वाणी बोलिये, दुष्ट पुरुष हों दूर

मीठी वाणी बोलिये, दुष्ट पुरुष हों दूर,
क्षमा,शील का व्रत रहे, मद हो जाता चूर.
क्षमा,दया से हीं जो,तो समझो यह दोष,
क्षमा , दया से युक्त जो, भूषण है निर्दोष.

Sunday, 25 February 2018

कान दूसरा ना सुने, आँख रहे अनजान

कान दूसरा ना सुने, आँख रहे अनजान,
सब कुछ हो परमार्थ हित, वही श्रेष्ठ है दान.

मानव की पीड़ा हरे, वह ही पाटा मान

मानव की पीड़ा हरे, वह ही पाटा मान,
सेवा धर्म प्रधान है, तब बनती पहिचान.
पौरुष शक्ति समर्थ जो, क्षमा रहे यदि पास,
निर्धन हो पर दान दे, ईश्वर का वह खास.

Saturday, 24 February 2018

भौतिक सुख, सुख मानते, कारण है अज्ञान

भौतिक सुख, सुख मानते, कारण है अज्ञान,
सच्चा सुख आध्यात्म, अनुभव है यह मान.
उसकी यदि होगी कृपा,होगा तब आभास,
नहीं दूर वह आपसे, वह तो रहता पास.

Friday, 23 February 2018

आशा फलती उसी की, जिसको है सन्तोष

आशा फलती उसी की, जिसको है सन्तोष,
 सत्प्रयास रत जो रहा, उसका भरता कोष.
 शील प्रमुख संसार में, रक्खें हम सामर्थ,
 शील नष्ट यदि हो गया,जीवन का क्या अर्थ.

आशा फलती उसी की, जिसको है सन्तोष

आशा फलती उसी की, जिसको है सन्तोष, 
सत्प्रयास रत जो रहा, उसका भरता कोष. 
शील प्रमुख संसार में, रक्खें हम सामर्थ, 
शील नष्ट यदि हो गया,जीवन का क्या अर्थ.

Thursday, 22 February 2018

चोर चोर सब भाई हैं, व्यर्थ मचाते शोर

चोर चोर सब भाई हैं, व्यर्थ मचाते शोर,
वही पकड़ में आ सका,जो होता कमजोर.
नीचे से ऊपर तलक, यहाँ कमीशन खोर,
कभी पकड़ में आगये, तो नीचे वाला चोर.

Wednesday, 21 February 2018

खुद चाहे भूखा रहे, रखें पड़ोसी ध्यान

खुद चाहे भूखा रहे, रखें पड़ोसी ध्यान,
 वही जगत में श्रेष्ठ है,सबसे बढ़ कर दान.
 विद्या संग सत्कर्म ही,दिया हुआ ही दान,
 छाया सा पीछे चले, सदा बढ़ाता मान.

Tuesday, 20 February 2018

नीत के दोहे

आपस  में   दूरी रहे,  हो  कोई  मतभेद,
यह सलाह है आपको,मत रखिये मनभेद.

कुभ्ह पाना है यदि हमें, जग में पाना नाम,
दुष्प्रवृति, हिंसा, व्यसन, छोड़े ऐसे काम.

Thursday, 4 January 2018

जिसकी बुद्धि प्रखर होती है,वही व्यक्ति मेधावी होता,


जिसकी बुद्धि प्रखर होती है,वही व्यक्ति मेधावी होता,
मेधावी ही आगे बढ़ कर, प्रज्ञावान प्रभावी होता l
 अगर विवेकी बनना है तो, बस सत्संग सदा आवश्यक,
 गुणी, पारखी और विवेकी, वह ही प्रतिभा शाली होता l

Thursday, 28 December 2017

फासला घट आयगा, हमदम बनाओ

 फासला घट  आयगा, हमदम  बनाओ,
 हो सके तो तुम किसी का गम मिटाओ l 
शान्ति, सुख पा  जावगे यह देखना तुम,
बस किसी  के  घाव पर मरहम लगाओ l

- डॉ हरिमोहन गुप्त 
सुख उसको ही मिल सका, रहा कामना मुक्त, वही सम्पदा श्रेष्ठ है, वैभव से हो युक्त. मिथ्या भाषण, कटु वचन, करे तीर का काम, स्वाभाविक यह प्रतिक्रिया, उल्टा हो परिणाम.

जब अधर्म बढ़ता धरती पर

जब अधर्म बढ़ता  धरती  पर, कोई  सन्त पुरुष  आता है,
हमको ज्ञान मार्ग   दिखलाने, भारत  ही  गौरव  पाता  है l
संत अवतरित  हुये  यहाँ पर, विश्व बन्धु  का  पाठ पढ़ाने,

उसका फल हम सबको मिलता, जन जन उनके गुण गाता है l 

- डॉ हरिमोहन गुप्त 

Tuesday, 5 December 2017

जेब से भारी थे, मूंमफली के दाने भी

जेब से भारी  थे, मूंमफली  के दाने भी,

कैसे समझाएं हम, अपने अब बच्चों को l 

Sunday, 3 December 2017

यों ही कोई बदनाम नहीं होता

यों ही  कोई  बदनाम  नहीं होता,
वे बजह कोई गुमनाम  नहीं होता l
गलत इरादे यदि चित्त में हों कभी,
तो कोई भी शुभ काम नहीं होता 

- डॉ. हरिमोहन गुप्त