Friday, 11 April 2025

 

कठनाइयों में, तुम उदास मत होना,

सलाह है, गैरों के ख़ास मत होना |

कठिन किरदार तो -अनुभवी ही निभाता,

                       (  मुश्किल से मिलता,)

परेशानियां होंगी, हताश मत होना |

 

 

सदा विलासता मृत्यु, और संयम है जीवन,

विषय वासना भार, त्याग ही है अमूल धन|

धैर्य और दृढता से  जो इनिद्रयजित रहता,

ईश्वर में  विश्वास  पायेगा  ईश्वर  दर्शन| 

दृष्टि कोण बदलें हम अपना, ऐसा लें संकल्प,

ईष्या,द्वेष, घृणा,चिन्ता का, ढूढें हमी विकल्प|

स्वस्थ विचारों का प्रवेश, सुख, शान्ति दिलाता,

परोपकार से  इस जीवन  का, होता कायाकल्प|

 

स्नान मात्र से तो केवल, नर तन सदा शुद्ध होता है,

जो भी दान करे जीवन में, तो धन सदा शुद्ध होता है |

जिसमें आई सहनशीलता, तो मन सदा शुद्ध होता है,

Thursday, 10 April 2025

 

सघन वृक्ष ही सदा उखड़ते, वेत सलामत सदा रही है,

सहज नम्रता और समर्पण, कारण बनता बात सही है |

पर्वत को भी चीर सकी है, सरिता अपनी राह बनाती,

अहंकार को तजो,सफलता मिलती है,यह बात कही है |

Wednesday, 9 April 2025

जो सोचते हैं जग भला,तो हुआ उनका भला,

मन मिलेंगे दूर होगा, दूरियों का सिलसिला |

आपसी सद भाव का  जो  पाठ पढ़ते सर्वदा,

                                                 देश हित में सोचते, सम्मान उनको ही मिला | 

Tuesday, 8 April 2025

 

स्वार्थ भावना  यदि मन में  तो, वह ख़ास नहीं बनता,

छल- छन्द रहा यदि मन में तो, विश्वास नहीं पलता |

कर्मठ, सत्यव्रती का जग में, नाम  लिखा  जाता  है,

अभिमानी जन को इस जग में, सम्मान नहीं मिलता |

Monday, 7 April 2025

काव्य अलंकृत है यदि कोई, नहीं जरूरत अलंकार की,

सुन्दरता संग मोहक छवि हो, नहीं जरूरत कंठहार की |

प्राणी  का  गुण कर्म सदा प्रतिबिम्ब रहा है  जग में,

                                           सरल सौम्यता,सम्यक वाणी, नहीं जरूरत अहंकार की | 

Saturday, 5 April 2025

 

जिसमें साहस, शौर्य, धेर्य हो, नहीं किसी से वे डरते हैं,

आगे की जो सोचा करते, सही समझ कर  पग धरते हैं |

कवि, सपूत, अरु सिंह सदा ही लीक छोड़ आगे चलते हैं,

जो  करते हैं  युग परिवर्तन, नई राह पर   वे बढ़ते हैं |

 

Friday, 4 April 2025

मन में जब भी दूरी बढती, तो उसका परिणाम कलह है,

तिरिस्कार जब भी मिलता है, उसकी कोई रही बजह है |

माना यह  सबको समझोते, करना पड़ते  हैं  जीवन में,

                                         इनसे जो ऊपर उठ जाता, उसकी अपनी स्वयम जगह है | 

Thursday, 3 April 2025

 

जीवन जिनका दीन, मित्र या बन्धु समर्पित,

उनका जीवन सफल, जिया जो ओरों के हित |

बिन साधन  जो रहे, साधनारत जीवन  भर,

श्रृद्धांजलि अर्पित, अब उनको हम संकल्पित |

 

Wednesday, 2 April 2025

वृक्ष मौन पर सदा शान्ति के फल उगते हैं,

जो  होते  वाचाल, कलह  उनके  फलते हैं |

जो सुन्दर हो, वही श्रेष्ठ हो, आवश्यक क्या ?

                                                   लेकिन  जो  हो श्रेष्ठ, वही सुन्दर लगते हैं | 

Tuesday, 1 April 2025

 

परछाईं   के पीछे भागो, नहीं  पकड़  में  आये,

उसे छोड़  कर  आगे जाओ, तो  वह  पीछे धाये|

माया, ममता, और तृषा  का  यही हाल है मानो,

उसके प्रति बस मोह छोड़ दो, मन आनन्द समाये |

 

मन में बस जाग्रत करना है,उच्च भावना,

कठिन परिश्रम से ही मिलती है सराहना |

उसके संग संग ईश कृपा भी है आवश्यक,

सदा तपस्या  से  ही होती  पूर्ण साधना |

 

योग्य हितेषी मित्र मिल सकें, कम होता है,

औषधि गुण कारी, मीठी हो, कम होता है|

स्वार्थ सिद्धि में ही डूबे  हैं, प्राणी जग के,

अपनापन  कोई  दिखलाये, कम  होता है |

 

विद्वान से शोभा सभा की, बात यह सब जानते,

वृद्ध सम्मानित सभा में, बात यह  सब  मानते |

है कथन यह बुद्धिमानों का, नहीं जाना उचित है,

जो, आप में क्षमता, कुशलता को  नहीं पहिचानते |