Saturday, 26 October 2024

 vvv

भोजन,पानी,शूद्ध वायु से, तन का होता पूर्ण विकास,

श्रेष्ठ विचारों से प्रसन्न मन, पहुँच सके ईश्वर के पास |

चिन्तन, मनन, स्वाध्याय से, ज्ञान गुणी संग प्राप्त करें,

मिले प्रेरणा शुभ कर्मो की, प्रभु मिल जाते यह विश्वास|

 

Friday, 25 October 2024

 

जन्म भूमि हित  जो मरे, उनका है सम्मान,

लिखा नाम इतिहास में, रखते निज पहिचान l

अनजाने भी  लोग हैं , पर  उनका  है मान,

व्यर्थ कभी जाता नहीं, जनहित में  बलिदान l

Thursday, 24 October 2024

                           न मैं हिन्दू हूँ न मुसलमान हूँ,

                           भाई चारे में पला इंसान हूँ  |

                        देश हित में प्राण जो अर्पित करे,

                        पूजता उसको , मैं हिन्दुस्तान हूँ |


Wednesday, 23 October 2024

 

दिव्य शक्ति है पास तुम्हारे, तुम चरित्र निर्माता,

गुणी, पारखी सब प्रकार हो, सद्गुण तुमको भाता |

त्याग करो जीवन में निशदिन, तो  पवित्रता आये,

अनुशासन का सम्बल रक्खो, वह ही  बड़ा विधाता |

Monday, 21 October 2024

 

                          मन के भीतर ज्ञान रूप में, परम तत्व का सदा निवास,                

 परम शान्ति पाता है प्राणी, सहज मुक्ति हो यह आभास |

सुख,दुख,हानि,लाभ,यश,अपयश, यही कर्म फल यह ही जान,

दुख, अशांति या क्लेश रहें क्यों? मन में हो उसका विश्वास |

Sunday, 20 October 2024

 

हम साथी  हैं  साथ  रहेंगे, अपनापन हर कोई  दिखाता,

                       पर अपना है कौन यहाँ पर,बिरला ही बस साथ निभाता |

समय समय पर बातें उनसे, मीठी मीठी सुन सकते हो,

अगर जरूरत कभी पड़ी तो, मौके से वह खुद हट जाता |

Saturday, 19 October 2024

                                                  अगर रहेगी मन में विकृति, नहीं शान्ति पा सकते,

जंगल और गुफा में है वह, भ्रम है,  तुमसे कहते |

अन्तस् मन में उसे खोजिये, त्यागो  मन दुर्बलता,

अंहकार बाधक  बनता  है, यह क्यों नहीं समझते |

अगर रहेगी मन में विकृति, नहीं शान्ति पा सकते,

जंगल और गुफा में है वह, भ्रम है,  तुमसे कहते |

अन्तस् मन में उसे खोजिये, त्यागो  मन दुर्बलता,

अंहकार बाधक  बनता  है, यह क्यों नहीं समझते |

Friday, 18 October 2024

                                         प्राणी ने मन जीत लिया तो, जग को भी वह जीत जायगा,

दृढ़ संकल्प  सामने रक्खो, तो विचार भी  स्वस्थ आयगा |

अगर वासना मन में जागे, मन पर करो नियन्त्रण तो फिर,

मन को तुम एकाग्र करो तो, उसका तो फल  रंग लायेगा 

|प्राणी ने मन जीत लिया तो,

जग को भी वह जीत जायगा,

दृढ़ संकल्प  सामने रक्खो, तो विचार भी  स्वस्थ आयगा |

अगर वासना मन में जागे, मन पर करो नियन्त्रण तो फिर,

मन को तुम एकाग्र करो तो, उसका तो फल  रंग लायेगा |v

प्राणी ने मन जीत लिया तो, जग को भी वह जीत जायगा,

दृढ़ संकल्प  सामने रक्खो, तो विचार भी  स्वस्थ आयगा |

अगर वासना मन में जागे, मन पर करो नियन्त्रण तो फिर,

मन को तुम एकाग्र करो तो, उसका तो फल  रंग लायेगा |

Thursday, 17 October 2024

 

बुद्धिमान  है  प्राणी जग  में,  सभी  प्रशंसा  करते,

लोभ, मोह के क्षणिक सुखों में, व्यस्त सदा क्यों रहते |

पापों  का फल अवश मिलेगा, सभी  जान कर,  सोचें,

स्वार्थ छोड़, परमार्थ करो तुम, गुरुजन यह सब  कहते |

Wednesday, 16 October 2024

                                             हम समाज के ही सेवक हैं, यही तो है अपनी पहिचान,

रहें संगठित,उत्साहित हों, इसी से बढ़ता अपना मान |

दीनों के प्रति रहें समर्पित, पर उपकारी रहें हमेशा,

पालन करें श्रेष्ठ नियमों का, बनाएं ऐसा नया विधान 

हम समाज के ही सेवक हैं,

यही तो है अपनी पहिचान,

रहें संगठित,उत्साहित हों, इसी से बढ़ता अपना मान |

दीनों के प्रति रहें समर्पित, पर उपकारी रहें हमेशा,

पालन करें श्रेष्ठ नियमों का, बनाएं ऐसा नया विधान |

हम समाज के ही सेवक हैं, यही तो है अपनी पहिचान,

रहें संगठित,उत्साहित हों, इसी से बढ़ता अपना मान |

दीनों के प्रति रहें समर्पित, पर उपकारी रहें हमेशा,

पालन करें श्रेष्ठ नियमों का, बनाएं ऐसा नया विधान |