लक्ष्य प्राप्ति
हित हो प्रयास रत, गिर कर उठाना होगा |
Tuesday, 22 April 2025
हमको क्या करना
है जग में, लक्ष्य बनाओ निश्चित,
जीना,मरना तोजीवन क्रम,भटके, हुयेपराजित |
आये हैंकिस हेतुधरा पर, इस परकरिये मंथन ,
व्यर्थ जायगा यह
जीवन ही,फिर क्या मिले कदाचित |
Monday, 21 April 2025
हम सुधरेंगे, जगसुधरेगा, यहीबातहैशास्वत,
दृष्टिकोंण
बदलें हम अपना, इस में है अपनाहित |
गुण अन्वेषण हो
स्वभाव में, हम समाज मेंजाएँ,
घृणा, द्वेष, दुर्भाव त्याग
कर, खुद को करें समर्पित |
Sunday, 20 April 2025
जब विपत्ति आती
है सिर पर,मन में चिंता, शोक,निराशा,
जब सम्पति आती
है घर में, ईर्ष्या, द्वेष, मान की आशा |
तृष्णा
बढतीहीजातीहै, संग्रह को
ब्याकुल होता मन,
सुख मिलना दूभर
होजाता, धूमिल होतीहैअभिलाषा |
Saturday, 19 April 2025
दोषदूसरोंकेमतदेखो, झाँकोअपनेअन्दर,
मिथ्या
अंहकारबढ़जाता,क्रोध, घृणा आते घर |
देखो तुमअपनेदोषों को, स्वयंसुधरजाओगे,
सामजिकअपराधीकोई,दण्ड दिलाओजी भर |
Friday, 18 April 2025
जिसे भरोसा अपने
पर है,वही सफल होता जीवन में,
इसे आत्मविश्वास
कहा है, संयम रहता उसके मन में |
बल, पौरुष, संकल्प पास में, शक्ति आपके ही
भीतर है
सभी सुलझती यहाँ
समस्या, समाधान मिलता है क्षण में |
Thursday, 17 April 2025
भावना मेंहीनिहित भगवान् है ,
ज़िन्दगी कासाथ ही सहगान है | दर्द बांटेदींनहीनोंकाकोई ,
तबकहीं मिलता उसेसम्मान है |
Wednesday, 16 April 2025
जब कभी भी यदि
बिगड़ते आचरण,
स्वार्थ लिप्सा
का तने यदि आवरण |
तो आजमानव धर्मसमझाएं उसे
दायित्व है अपना, करें हम जागरण |
Tuesday, 15 April 2025
तुकबंदी मैंलिखूँ सदा सेरही अनिच्छा, चुटकीले ही व्यंग्य पढूँ यह कब है इच्छा | मैं समाज को देने को ही कुछ लिखता हूँ, लेखन हो उद्देश्यपूर्ण मिलतीहोशिक्षा |