Sunday, 11 May 2025

जब अधर्म बढ़ता  धरती  पर, कोई  सन्त पुरुष  आता है,

हमको ज्ञान मार्ग   दिखलाने, भारत  ही  गौरव  पाता  है |

 संत अवतरित  हुये  यहाँ पर, विश्व बन्धु  का  पाठ पढ़ाने,

 उसका फल हम सबको मिलता, जन जन उनके गुण गाता है|

  

Saturday, 10 May 2025

                                                         टुकड़े  होंगे  चार,  पाक तू  बट जाएगा,

अब तक जो उन्माद भरा है,  घट जाएगा |

आतंकी  जो  पाले तुमने,  साथ  न  देंगे,

पाप घडा भर गया, एक दिन मिट जाएगा |

Friday, 9 May 2025

 

लिए कटोरा भीख मांगते, शरम नही आती है तुमको,

सारा जग थू थू करता है, उलझा रहे कोनाब किसको ?

जिसके रहमोकरम पल रहे, निगल गायगा यह तो मानो,

आतंकी तुमको खायेंगे, दोष न देना फिर तुम जग को |

 

Thursday, 8 May 2025

 

“आपरेशन सिन्दूर” ने मिटा दिए सब अंक भाल के,

जैसी करनी वैसी भरनी,दुश्मन हमतो सदा काल के,

सोचो समझो और विचारों, यह तो अभी बानगी भर है,

भोगो अब परिणाम किये के, टूटे पत्ते जुड़ें न दाल के |

Wednesday, 7 May 2025

 

भारत  ने जब भी जो कुछ भी कहा, कर दिया,

पाक से  उसको  बदला लेना था, ले लिया |

घर मे  घुस  कर,  आतंकी  के  ठोर ठिकाने,

सभी ध्वस्त कर दिए, सिर ऊंचा करके जिया |

Tuesday, 6 May 2025

समझ है,समस्या की तह तक जाने की,

शक्ति है, समझने  और  समझाने  की |

बहकाने  से   सदा   सावधान   रहना ,

                                                    कभी  कोशिश  न  करना आजमाने की | 

Monday, 5 May 2025

 

काम में यदि है अनिच्छा तो बला है,

काम में यदि मन लगे तो यह कला है |

हो लगन बस काम में यह ही प्रमुख है,

वह सफल  है, पास जिसके  हौसला है |

Sunday, 4 May 2025

 

काम में यदि है अनिच्छा तो बला है,

काम में यदि मन लगे तो यह कला है |

हो लगन बस काम में यह ही प्रमुख है,

वह सफल  है, पास जिसके  हौसला है |

Friday, 2 May 2025

 

फौलाद की   चट्टान को भी फोड़ सकते हो,

कोई कठिन अवरोध हो तुम तोड़ सकते हो |

तुम युवा हो, बस इरादा नेक सच्चा चाहिये,

सामर्थ  है तुम में, हवा रुख मोड़ सकते हो |

Thursday, 1 May 2025

 

बुद्धि, विवेकी पुरुषों की बातों को सुनता,

संग कभी पौराणिक आख्यानों को चुनता |

वही सामने आप सभी  के  मैं रखता हूँ,

साथ कल्पना  के  ताने बानों को चुनता |

Wednesday, 30 April 2025

सदा विलासता मृत्यु, और संयम है जीवन,

विषय वासना भार, त्याग ही है अमूल धन|

धैर्य और दृढता से  जो इनिद्रयजित रहता,

                                                          ईश्वर में  विश्वास  पायेगा  ईश्वर  दर्शन | 

Tuesday, 29 April 2025

वृक्ष मौन पर सदा शान्ति के फल उगते हैं,

जो  होते  वाचाल, कलह  उनके  फलते हैं |

जो सुन्दर हो, वही श्रेष्ठ हो, आवश्यक क्या ?

                                                    लेकिन  जो  हो श्रेष्ठ, वही सुन्दर लगते हैं | 

Monday, 28 April 2025

कर्म प्रधान मानते जग में, वे रहते सानन्द

सिद्धि साधना में रत जो हैं, पाते परमानन्द |

जागो,उठो,बढो तुम आगे, तुम्हें लक्ष्य तक जाना,

सत्य  आचरण जो अपनाये, वही विवेकानन्द |

  

Sunday, 27 April 2025

फासला घट जायगा, हमदम बनाओ,

हो सके तो तुम किसी का गम मिटाओ |

शान्ति सुख पा जावगे यह देखना तुम,

बस  किसी के घाव पर मरहम लगाओ|

  

Saturday, 26 April 2025

 

परोपकार में जीवन बीते, जिसको मिले सुभीता,

सुख,दुःख में जो रहा एक रस, समय एक रस बीता |

संयम नियम आचरण सम हैं, उसने जग को जीता,

जो संतृप्त करे औरों को, पनघट कभी न रीता |

 


Friday, 25 April 2025

लक्ष्य  सामने  रखने वाले,कभी  नहीं रुकते हैं

जो श्रम के आदि हो जाते , कभी नहीं थकते हैं |

धीरे धीरे चलो , सामने लक्ष्य  बनाओ निश्चित

कितनी भी  कठिनाई आए , कभी नहीं झुकते हैं|

  

Thursday, 24 April 2025

यश, अपयश विधि हाथ सोच जो व्यक्ति जिया करते  हैं,

हानि, लाभ को  छोड़  व्यक्ति कर्तव्य  किया  करते  हैं |

जीवन  या फिर  मरण सदा  से  उसके  हाथ  रहा  है,

                                             सुख, दुःख में सम भाव, व्ही अमरत्व पिया करते हैं | 

Wednesday, 23 April 2025

 

चढना है पहाड़ के  ऊपर,  झुक कर चढना होगा,

अगर चाहते मंजिल पाना, रुक कर चलना होगा |

अकड़ दिखा कर जो भी चलता, ठोकर खा गिर जाता,

लक्ष्य प्राप्ति हित हो प्रयास रत, गिर कर उठाना होगा |

Tuesday, 22 April 2025

 

हमको क्या करना है जग में, लक्ष्य बनाओ निश्चित,

जीना,मरना तो  जीवन क्रम,भटके, हुये  पराजित |

आये हैं  किस हेतु  धरा पर, इस पर  करिये मंथन ,

व्यर्थ जायगा यह जीवन ही,फिर क्या मिले कदाचित |