Tuesday, 5 June 2018

मेरी कवितायें

जग में जो जन्मी प्रतिभायें,
उनकी हों जग में चर्चायें,
मिल पाए सम्मान यथोचित
उनके हित मेरी कवितायें

- डॉ. हरिमोहन गुप्त