Friday, 29 June 2018

कवि


कवि ही ऐसा प्राणी है जो, गागर में सागर को भरता
केवल वाणी के ही बल पर, सम्मोहित सारा जग करता,
सीधी, सच्ची, बातें कह कर, मर्म स्थल को वह छू लेता
आकर्षित हो जाते जन जन, भावों में भरती है दृढ़ता l

Saturday, 23 June 2018

राम कथा


राम कथा अमृत कथा, विष को करती दूर,
विषय वासना हट सके, यश मिलता भरपूर l
                  राम कथा जिसने लिखी, लिया राम का नाम,
                  राम रंग  में  रंग गया, माया का क्या काम l

Sunday, 17 June 2018

थलचर प्राणी


नभचर,जलचर, जब खेमों में नहीं बंटे हैं,
थलचर प्राणी क्यों आपस में लडे कटे हैं,
हम में हो सदभाव, सियासी दांव न खेलें,
मिल कर रहना सीख सकें हर जगह डटे हैं 

Saturday, 16 June 2018

ईद

ईद पर सभी मित्रों को  शुभ कामनाएं,
                             आपका
                              डा० हरिमोहन गुप्त 

Friday, 15 June 2018

प्रतिभा शाली


जिसकी बुद्धि प्रखर होती है,वही व्यक्ति मेधावी होता,

मेधावी  ही  आगे  बढ़  कर, प्रज्ञावान प्रभावी  होता l

अगर विवेकी बनना है तो, बस सत्संग सदा आवश्यक,

गुणी, पारखी और विवेकी, वह  ही प्रतिभा शाली होता l

Sunday, 10 June 2018

नारी की पीड़ा


जो पीड़ित हो बलात्कार से , इस में उसका दोष रहा क्या ?
कब तक वह प्रस्तरवत होगी , पूँछ रही है आज अहल्या ?

Thursday, 7 June 2018

देश जाग्रत है सदा साहित्य से,


जग प्रकाशित है सदा आदित्य से,
हम प्रगति करते सदा सानिध्य से,
कोई  माने, या    माने  सत्य  है,
देश जाग्रत  है  सदा  साहित्य  से l

Tuesday, 5 June 2018

मेरी कवितायें

जग में जो जन्मी प्रतिभायें,
उनकी हों जग में चर्चायें,
मिल पाए सम्मान यथोचित
उनके हित मेरी कवितायें

- डॉ. हरिमोहन गुप्त 

Sunday, 3 June 2018

सेवा भाव


  सेवा भाव समर्पण  ही बस, मानव की पहिचान है,
              जिसको है सन्तोष हृदय में, सच में वह धनवान है l
             यों तो मरते,और जन्मते,जो भी आया यहाँ धरा पर,
करता  जो उपकार सदा  ही, पाता  वह सम्मान है l