स्नान मात्र से तो केवल, नर तन सदा शुद्ध होता है,
जो भी दान करे जीवन में, तो धन सदा शुद्ध होता है l
जिसमें आई सहनशीलता, तो मन सदा शुद्ध होता है,
जो रखता ईमान साथ में, जीवन सदा शुद्ध होता है |
मिथ्या स्वाभिमान ने हमको, उपभोगवाद में बाँट दिया है,
भोतिकविकास ने मानव को,मानव से सच में अलग किया है l
अब सुख का आधार हमारा, अलगाव वाद में भटक गया है,
मेरा है
विश्वास अकारण,अभिशाप सहज में यहाँ लिया है l
भोतिकविकास ने मानव को,मानव से सच में अलग किया है l
अब सुख का आधार हमारा, अलगाव वाद में भटक गया है,
मेरा है विश्वास अकारण,अभिशाप सहज में यहाँ लिया है l
भोतिकविकास ने मानव को,मानव से सच में अलग किया है l
अब सुख का आधार हमारा, अलगाव वाद में भटक गया है,
मेरा है
विश्वास अकारण,अभिशाप सहज में यहाँ लिया है l
मिथ्या स्वाभिमान ने हमको, उपभोगवाद
में बाँट दिया है,
भोतिकविकास ने मानव को,मानव से सच में अलग किया है l
अब सुख का आधार हमारा, अलगाव वाद में भटक गया है,
मेरा है
विश्वास अकारण,अभिशाप सहज में यहाँ लिया है l
हमने
जो इतिहास पढ़ा है, साहस शोर्य जगाया जाये,
संस्कृत ही जननी हिन्दी की, इसको
ही समझाया जाये
भाषा सबकी ही हिन्दी हो, ऐसी आग लगाई
जाये,
जन मन की भाषा है हिन्दी, ऐसा भाव बताया
जाये |
काव्य रचना में अनोखी शक्ति है,
जो जुड़ा उससे सुवासित भक्ति है |
जोड़ती
हिन्दी सदा सद्भाव
से,
बोलने की बस सहज अभिव्यक्त है |
जग
को करे प्रकाशित सचमुच हिन्दी का साहित्य,
बुन्देली अरु ब्रज भाषा का इसमें है लालित्य |
करें समाहित भाषाओं को, रखे ब्याकरण हिन्दी,
हिन्दी भाषा का सम्बर्धन, ऐसा हो साहित्य |
2- हिन्दी
भाषा सरल, लिखा
ही पढ़ते हैं सब,
बोल चाल में शिष्ट, ऊँचाई चढ़ते हैं
सब |
संस्कृत भाषा जननी इसकी रही सदा से,
इसके सम्बर्धन से आगे बढ़ते हैं सब |
ऐश औ आराम से जीवन कटे, यह भोग है,
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है |
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है |
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है |
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है |
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है |
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है |
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है |
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है |
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है |
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है |
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है |
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है |
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है
|
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है |
ऐश औ आराम से जीवन कटे, यह भोग है,
असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l
स्वस्थ हो तन,मन सहज ही,मनन
चिन्तन साथ हो,
जोड़ दो संग आत्मा मन, बस यही तो योग है |