स्वच्छ विचारों से प्रसन्न मन, दया, प्रेम मन भाता,
कठिन कार्य भी कर सकता वह, नहीं कभी घबडाता,
आगे बढने की जिज्ञासा, जिसके मन में जागी,
विजय सदा उसकी होती है, सत्य मार्ग अपनाता |
जिसे भरोसा अपने पर है,वही सफल होता जीवन में,
इसे आत्मविश्वास कहा है, संयम रहता उसके मन में |
बल, पौरुष, संकल्प पास में, शक्ति आपके ही भीतर है
सभी सुलझती यहाँ समस्या, समाधान मिलता है क्षण में |
भावना में ही निहित भगवान् है ,
ज़िन्दगी का साथ ही सहगान है l दर्द बांटे दींन हीनों का कोई ,
तब कहीं मिलता उसे सम्मान है l
जब कभी भी यदि बिगड़ते आचरण,
स्वार्थ लिप्सा का तने यदि आवरण l
तो आज मानव धर्म समझाएं उसे
दायित्व है अपना, करें हम जागरण l
स्नान मात्र से तो केवल, नर तन सदा शुद्ध होता है,
जो भी दान करे जीवन में, तो धन सदा शुद्ध होता है l
जिसमें आई सहनशीलता, तो मन सदा शुद्ध होता है,
जो रखता ईमान साथ में, जीवन सदा शुद्ध होता है l
सदा विलासता मृत्यु, और संयम है जीवन,
विषय वासना भार, त्याग ही है अमूल धन.
धैर्य और दृढता से जो इनिद्रयजित रहता,
ऐक चिनगारी बहुत है, घर जलाने के लि
ऐक रुसवाई बहुत है, गम बढ़ाने के लिए l
बूँद पानी की बहुत है, प्यास बुझाने के लिए,
सुखद घटना बहुत है, बस गम भुलाने के लिए l
निकट पर, मिल नहीं सकते किनारों की तरह,
दिखते तो पास, पर दूर सितारों की तरह |
मौसम की क्या ? बदलते रहते हैं हमेशा,
वे स्वयमं बदल जाते हैं, बहारों की तरह |
सघन वृक्ष ही सदा उखड़ते, वेत सलामत सदा रही है,
सहज नम्रता और समर्पण, कारण बनता बात सही है l
पर्वत को भी चीर सकी है, सरिता अपनी राह बनाती,
अहंकार को तजो,सफलता मिलती है,यह बात कही है l
लक्ष्य सामने रखने वाले, कभी नहीं रुकते हैं,
जो श्रम के आदी हो जाते,कभी नहीं थकते हैं l
धीरे धीरे चलो, सामने लक्ष्य बनाओ निश्चित,
कितनी भी कठनाई आये, कभी नहीं झुकते हैं l
दृष्टि कोण बदलें हम अपना, ऐसा लें संकल्प,
ईष्या,द्वेष, घृणा,चिन्ता का, ढूढें हमी विकल्प.
स्वस्थ विचारों का प्रवेश, सुख, शान्ति दिलाता,
परोपकार से इस जीवन का, होता कायाकल्प.