Saturday, 11 November 2017

जिनका नहीं बहता पसीना

बनो कर्मठ, यही तो सब बताते हैं,
बढ़े साहस, यही गुरुजन सिखाते हैं l
वक्त पर जिनका नहीं बहता पसीना,
मानिये वे सदा, आँसू बहाते हैं l
- डॉ. हरिमोहन गुप्त