Tuesday, 27 February 2018

सम्पदाय हैं बहुत से, अपना अपना ज्ञान

सम्पदाय हैं बहुत से, अपना अपना ज्ञान, 
निर्बल को प्रभु मिल सके,उसका रक्खा मान. 
उसे ढूढने के लिए, पढ़े अनेकों ग्रन्थ, 
 उससे मिलना सुलभ है,कोई भी हो पन्थ.

Monday, 26 February 2018

मीठी वाणी बोलिये, दुष्ट पुरुष हों दूर

मीठी वाणी बोलिये, दुष्ट पुरुष हों दूर,
क्षमा,शील का व्रत रहे, मद हो जाता चूर.
क्षमा,दया से हीं जो,तो समझो यह दोष,
क्षमा , दया से युक्त जो, भूषण है निर्दोष.

Sunday, 25 February 2018

कान दूसरा ना सुने, आँख रहे अनजान

कान दूसरा ना सुने, आँख रहे अनजान,
सब कुछ हो परमार्थ हित, वही श्रेष्ठ है दान.

मानव की पीड़ा हरे, वह ही पाटा मान

मानव की पीड़ा हरे, वह ही पाटा मान,
सेवा धर्म प्रधान है, तब बनती पहिचान.
पौरुष शक्ति समर्थ जो, क्षमा रहे यदि पास,
निर्धन हो पर दान दे, ईश्वर का वह खास.

Saturday, 24 February 2018

भौतिक सुख, सुख मानते, कारण है अज्ञान

भौतिक सुख, सुख मानते, कारण है अज्ञान,
सच्चा सुख आध्यात्म, अनुभव है यह मान.
उसकी यदि होगी कृपा,होगा तब आभास,
नहीं दूर वह आपसे, वह तो रहता पास.

Friday, 23 February 2018

आशा फलती उसी की, जिसको है सन्तोष

आशा फलती उसी की, जिसको है सन्तोष,
 सत्प्रयास रत जो रहा, उसका भरता कोष.
 शील प्रमुख संसार में, रक्खें हम सामर्थ,
 शील नष्ट यदि हो गया,जीवन का क्या अर्थ.

आशा फलती उसी की, जिसको है सन्तोष

आशा फलती उसी की, जिसको है सन्तोष, 
सत्प्रयास रत जो रहा, उसका भरता कोष. 
शील प्रमुख संसार में, रक्खें हम सामर्थ, 
शील नष्ट यदि हो गया,जीवन का क्या अर्थ.

Thursday, 22 February 2018

चोर चोर सब भाई हैं, व्यर्थ मचाते शोर

चोर चोर सब भाई हैं, व्यर्थ मचाते शोर,
वही पकड़ में आ सका,जो होता कमजोर.
नीचे से ऊपर तलक, यहाँ कमीशन खोर,
कभी पकड़ में आगये, तो नीचे वाला चोर.

Wednesday, 21 February 2018

खुद चाहे भूखा रहे, रखें पड़ोसी ध्यान

खुद चाहे भूखा रहे, रखें पड़ोसी ध्यान,
 वही जगत में श्रेष्ठ है,सबसे बढ़ कर दान.
 विद्या संग सत्कर्म ही,दिया हुआ ही दान,
 छाया सा पीछे चले, सदा बढ़ाता मान.

Tuesday, 20 February 2018

नीत के दोहे

आपस  में   दूरी रहे,  हो  कोई  मतभेद,
यह सलाह है आपको,मत रखिये मनभेद.

कुभ्ह पाना है यदि हमें, जग में पाना नाम,
दुष्प्रवृति, हिंसा, व्यसन, छोड़े ऐसे काम.