Wednesday, 31 May 2023

जिसे भरोसा अपने पर है,वही सफल होता जीवन में,

इसे आत्मविश्वास कहा है, संयम रहता उसके मन में |

बल, पौरुष, संकल्प पास में, शक्ति आपके ही भीतर है

      सभी सुलझती यहाँ समस्या, समाधान मिलता है क्षण में | 

Tuesday, 30 May 2023

 

आज पत्रकारिता दिवस पर-

समय,परिस्थिति,और काल का, जिसको रहता ज्ञान,

सदा सत्य का  करे  निरूपण, इसीलिये  है  मान |

है  चौथा स्तम्भ  देश  का, प्रजा तन्त्र का रक्षक,

पत्रकार  जो  निर्भय  रहता, यह उसकी  पहिचान |

 

Monday, 29 May 2023

 

प्राणी ने मन जीत लिया तो, जग को भी वह जीत जायगा,

दृढ़ संकल्प  सामने रक्खो, तो विचार भी  स्वस्थ आयगा |

अगर वासना मन में जागे, मन पर करो नियन्त्रण तो फिर,

मन को तुम एकाग्र करो तो, उसका तो फल  रंग लायेगा |

 

अगर रहेगी मन में विकृति, नहीं शान्ति पा सकते,

जंगल और गुफा में है वह, भ्रम है,  तुमसे कहते |

अन्तस् मन में उसे खोजिये, त्यागो  मन दुर्बलता,

अंहकार बाधक  बनता  है, यह क्यों नहीं समझते |

 

हम साथी हैं, साथ रहेंगे, अपनापन हर कोई दिखाता,

पर अपना है कौन यहाँ पर,बिरला ही बस साथ निभाता |

अगर जरूरत कभी पड़ी है, मौके पर वह खुद हट जाता,

 

भोजन, पानी, शूद्ध वायु से, तन का होता पूर्ण विकास,

श्रेष्ठ विचारों से प्रसन्न मन, पहुँच सके ईश्वर के पास |

चिन्तन, मनन, स्वाध्याय से, ज्ञान गुणी संग प्राप्त करें,

मिले प्रेरणा शुभ कर्मो की, प्रभु मिल जाते यह विश्वास|

 

Saturday, 27 May 2023

वृक्ष मौन पर सदा शान्ति के फल उगते हैं,

जो  होते  वाचाल, कलह  उनके  फलते हैं l

जो सुन्दर हो, वही श्रेष्ठ हो, आवश्यक क्या ?

लेकिन  जो  हो श्रेष्ठ, वही सुन्दर लगते हैं l


Friday, 26 May 2023

क्षमा,दया का भाव सहज मानव में आता,

सन्तोषी रह, परोपकार  जो  भी अपनाता |

पर पीड़ा को समझ सका, जो करे आचरण,

            चले सत्य की  राह, वही ईश्वर हो  जाता | 

Thursday, 25 May 2023

जिसमें साहस, शौर्य, धेर्य हो, नहीं किसी से वे डरते हैं,

आगे की जो सोचा करते, सही समझ कर  पग धरते हैं |

कवि, सपूत, अरु सिंह सदा ही लीक छोड़ आगे चलते हैं,

      जो  करते हैं  युग परिवर्तन, नई राह पर   वे बढ़ते हैं | 

Wednesday, 24 May 2023

क्रोध, शोक, चिन्ता से बढती है लौलुपता,

तृष्णा  या  उद्वेग बढाती  है  कामुकता.

लक्ष्मी, विद्या और प्रतिष्ठा हम पा सकते,

क्षमा, दया, सन्तोष, ज्ञान से बढती क्षमता.

  

Tuesday, 23 May 2023

भरने को पेट एक दिन ,उसे रोटी खिलाइए, 
कल कैसे  कमाए रोटी यह तो  सिखाइए |

 

Monday, 22 May 2023

                          इंसानियत में ढूंढिएगा , मैं वहीँ मिल जाऊँगा 

क्यों व्यर्थ मुझको खोजते हो आप अपने मजहबों में?

 


Sunday, 21 May 2023

                            आँधियाँ क्या कर सकेगीं, जब हुनर है पास में,

हम तो झुक जाते हमेशा, जब कभी वे मौज में |

 


Saturday, 20 May 2023

 

सत्साहित्य सदा कवि लिखता, चाटुकारिता नहीं धर्म है,

वह उपदेशक है समाज का, सच में उसका यही कर्म है l

परिवर्तन लाना  समाज  में, स्वाभाविक बाधाएँ  आयें,

कार्य कुशलता के ही कारण, सम्मानित है, यही मर्म है l

Friday, 19 May 2023

                               जो सोचते हैं जग भला,तो हुआ उनका भला,

मन मिलेंगे दूर होगा, दूरियों का सिलसिला l

आपसी सद भाव का  जो  पाठ पढ़ते सर्वदा,

देश हित में सोचते, सम्मान उनको ही मिला l

 


Thursday, 18 May 2023

 

काम आज का आज, नहीं तुम कल पर डालो,

यही नियम है, समझदार तुम, देखो भालो |

बोझ बनेगा काम, अगर यह कल पर डाला,

यह सलाह है नेक, इसी व्रत को तुम पालो |

Monday, 15 May 2023

 

स्वार्थ भावना यदि मन में तो, वह ख़ास नहीं बनता,

छल- छन्द रहा यदि मन में तो, विश्वास नहीं पलता |

कर्मठ, सत्यव्रती का जग में, नाम  लिखा  जाता  है,

अभिमानी जन को इस जग में, सम्मान नहीं मिलता |

Sunday, 14 May 2023

              काव्य रचना में  अनोखी शक्ति है,

जो  जुड़ा  उससे सुवासित भक्ति है |

जोड़ती  हिन्दी   सदा  सद्भाव  से,

              बोलने की बस सहज अभिव्यक्त है |  

Saturday, 13 May 2023

मन में अगर छिपी होती है, कभी निराशा,

जाग्रत करना होगी अपनी ज्ञान पिपासा |

एक किरण उम्मीद, हौसला रखना होगा,

            बुझे पिपासा, जाय निराशा, जगती आशा | 

Friday, 12 May 2023

 

सदा सफलता चरण चूमती, हार न मानो,

सम्बन्धों को जीवन में व्योपार न मानो |

चरैवेति ही जीवन का सिध्दान्त सदा से,

कठिन परिश्रम को जीवन में भार न मानो |

Tuesday, 9 May 2023

 

भक्त  की  साधना  से  बड़ी भक्ति है,

सदा  आसक्ति  से बढ़ कर विरक्ति है,

व्यक्ति से भी बड़ा उसका व्यक्तित्व है,

शक्ति  से  भी बड़ी बस सहनशक्ति है l

 

अरे मियां  शरीफ, बंद   कर दो हंगामा

सारी  दुनियाँ जान  गई, हरकते कुनामा,

सावधान हो,चीन साथ अब कब तक देगा,

रहो अकेले, बंद करो  अपना  यह ड्रामा

 

धर्म आचरण का पालन कर, धर्म जिये जा,

अहंकार को  छोड़, छिपा यह  मर्म जिए जा.

काम, क्रोध, मद, लोभ, सदा से शत्रु रहे हैं,

फल की इच्छा क्यों करता, तू कर्म किये जा.

 

हिन्दी  के मूर्धन्य मन्च  पर, सब में ही अपना दमखम है,

यहाँ विचारक, उपदेशक हैं, इसमें नहीं किसी को भ्रम हैl

मेरी क्या सामर्थ बैठ लूं, साथ आपके  सभा मन्च पर,

मान सहित जो आप बुलाते, मेरे लिये यही क्या कम है l

Monday, 8 May 2023

 

         बहता पानी स्वच्छ  औरर निर्मल होता है,               आगे बढने  का प्रयास  प्रतिपल  होता है l
 सागर कब किसको मिठास दे पाया जग में 
 ठहरे पानी  में  अक्सर  दलदल  होता है l

Tuesday, 2 May 2023

                                  मन में बस जाग्रत करना है,उच्च भावना,

कठिन परिश्रम से ही मिलती है सराहना |

उसके संग संग ईश कृपा भी है आवश्यक,

सदा तपस्या  से  ही होती  पूर्ण साधना |


Monday, 1 May 2023

 

माँगे से जो मिलता है, वह भिक्षा है, वरदान नहीं है,

गुरु द्वारा जो भी मिलता वह शिक्षा है, विज्ञान नहीं है |

आस्था औ विश्वास परम आवश्यक है, उसको पाने में,

मन्दिर में जो भी प्रतिमा है, पत्थर है, भगवान नहीं है |