Monday, 31 July 2023

                                                    भरने को पेट एक दिन ,उसे रोटी खिलाइए, 

कल कैसे  कमाए रोटी  इसको  सिखाइए |


Sunday, 30 July 2023

 

सघन वृक्ष ही सदा उखड़ते, वेत सलामत सदा रही है,

सहज नम्रता और समर्पण, कारण बनता बात सही है l

पर्वत को भी चीर सकी है, सरिता अपनी राह बनाती,

अहंकार को तजो,सफलता मिलती है,यह बात कही है l

Saturday, 29 July 2023

दीनों  की  पीड़ा हरें, उससे  हो  पहिचान,

सुख समृद्धि ही बढ़ सके, उसमें है कल्याण l

कान  दूसरा क्यों सुने, आँख बने अनजान,

                          निर्बल, निर्धन न रहे, यही सुकृत का दान l 

Friday, 28 July 2023

स्नान मात्र से तो केवल, नर तन सदा शुद्ध होता है,

जो भी दान करे जीवन में, तो धन सदा शुद्ध होता है l

जिसमें आई सहनशीलता, तो मन सदा शुद्ध होता है,

जो रखता ईमान साथ में, जीवन सदा शुद्ध होता है l

      

Thursday, 27 July 2023

उम्मीद क्यों रखते हो अपनी शान की,

नेक नीयत ही भली आपके ईमान की |

रव करेगा हर मदद,यह छोड़ दो उस पर,

                           फ्रिक्र रहती  है  उसे, सारे जहाँन  की | 

Wednesday, 26 July 2023

 

फल से लदे  जो वृक्ष, उन पर  मारते पत्थर,

काँटे उगे जिस पेड़ पर, छू कर तनिक देखो |

 

Tuesday, 25 July 2023

 

क्यों ठिठुर सा गया, आज वातावरण,

काव्य रचना के बदले सभी व्याकरण l

पर समय आ गया आज उद्घोष का,

अब  बदलना  पड़ेगे  हमें  आचरण l

Monday, 24 July 2023

 

अकर्मण्य  जो  भी  होते हैं ,उनको विपदाओं ने घेरा,

मुर्गा होता नहीं  गाँव में, तो  क्या  होता नहीं सबेरा l

कर्म प्रधान मानते जो भी, वे ही लक्ष्य प्राप्त कर पाते,

भाग्य भरोसे जो  भी  रहते, उनका जीवन रहा अँधेरा l

Sunday, 23 July 2023

फासला  घट  जायगा,  हमदम बनाओ,

हो सके तो तुम किसी का गम मिटाओ |

शान्ति सुख पा जावगे यह देखना तुम,

बस  किसी के घाव पर मरहम लगाओ |

  

Saturday, 22 July 2023

 

गेरों  से  भी अपना सा,  दिखलायें  अपनापन,

देश पर निछावर हो हम सबका तन, मन, धन |

वर्ग भेद  छोड़ें सब, हिल मिल  कर  रह पायें,

तो  भविष्य अच्छा  है, होगा तब  अभिनन्दन |

Friday, 21 July 2023

बल पौरुष के कारण जग में, नर ने माना श्रेष्ठ कर्म है,

धर्म भीरु होने  के  कारण, नारी  कहती  श्रेष्ठ धर्म है |

नहीं कल्पना है यह कोरी, मानो तो  विशवास अटल है,

                     कोई जान  न पाया उसको, इसीलिए तो  श्रेष्ठ मर्म है | 

Thursday, 20 July 2023

 

यश अपयश विधि हाथ, सोच जो व्यक्ति जिया करते हैं,

हानि लाभ  को  छोड़, व्यक्ति  कर्तव्य  किया करते हैं l

जीवन  या   फिर  मरण सदा  से, उसके  हाथ रहा है,

सुख दुख   में समभाव, वही   अमरत्व पिया  करते हैं l

 

परछाईं   के पीछे भागो, नहीं  पकड़  में  आये,

उसे छोड़  कर  आगे जाओ, तो  वह  पीछे धाये,

माया, ममता, और तृषा  का  यही हाल है मानो,

उसके प्रति बस मोह छोड़ दो, मन आनन्द समाये l

मन में बस जाग्रत करना है,उच्च भावना,

कठिन परिश्रम से ही मिलती है सराहना |

उसके संग संग ईश कृपा भी है आवश्यक,

सदा तपस्या  से  ही होती  पूर्ण साधना |

 

योग्य हितेषी मित्र मिल सकें, कम होता है,

औषधि गुण कारी, मीठी हो, कम होता है

स्वार्थ सिद्धि में ही डूबे  हैं, प्राणी जग के,

अपनापन  कोई  दिखलाये, कम  होता है l

 

Wednesday, 19 July 2023

 

वशीकरण  का  मन्त्र  जिन्होंने, मनो योग से  साधा,

उन्हें नहीं विचलित कर सकते, किन्चित विघ्न न बाधा |

सिद्धि सदा  होती  प्रयत्न  से, करो  साधना  मन से,

माना  था आराध्य कृष्ण को, जीत सकी  थी  राधा |

Tuesday, 18 July 2023

 

नहीं हम आज कहते  हैं, पुरानी  यह कहावत है,

सही “ईमान दिल” ने सर्वदा  ही  दु:ख को झेला |

मगर जब जान जाते असलियत तो साफ़ होता है,

सदा  ही सत्य जीता है, नहीं उससा  कोई होगा |

Friday, 14 July 2023

 

हम साथी  हैं  साथ  रहेंगे, अपनापन हर कोई  दिखाता,

                    पर अपना है कौन यहाँ पर,बिरला ही बस साथ निभाता |

समय समय पर बातें उनसे, मीठी मीठी सुन सकते हो,

अगर जरूरत कभी पड़ी तो, मौके से वह खुद हट जाता |

Thursday, 13 July 2023

नहीं  अर्थ  इसका  कुछ  होता, मैंने कितना खाया,

सार्थक  यह  माना  जायेगा,  कितना गया पचाया l

यह  महत्व  की  बात नही है, कितना यहाँ कमाया,

इसका यहाँ महत्व अधिक है, सच में क्या बच पाया l

महत्व पूर्ण यह नहीं कि जीवन, कितना बीत गया है,

                      महत्व पूर्ण  यह  ही  होता  है, कैसे  जिया गया है l 

Wednesday, 12 July 2023

 

जिसे भरोसा अपने पर है,वही सफल होता जीवन में,

इसे आत्मविश्वास कहा है, संयम रहता उसके मन में |

बल, पौरुष, संकल्प पास में, शक्ति आपके ही भीतर है

सभी सुलझती यहाँ समस्या, समाधान मिलता है क्षण में |

Monday, 10 July 2023

 

आयु  होती  क्षीण, यदि निन्दा  करें  विद्वान की,

तप नष्ट होता जायेगा, यदि मान्यता अभिमान की l

झूठ  बोला  तो  समझ  लो, नष्ट होगा कर्म फल,

दूसरों  से  यदि  कही, महिमा कहाँ  फिर दान की l

Sunday, 9 July 2023

 

पुत्र पिता से जाना जाता यही नियम है,

पिता पुत्र से जाना जाये होता कम है l

पिता धन्य है जिसका पुत्र सवाया होता,

दशरथ जाने गये राम से यह अनुक्रम है l

Saturday, 8 July 2023

 

चन्दन हर  पोधा महकाये  जो समीप है,

जग को जो आलोकित कर दे वही दीप है l

पत्थर चोट सहे, पर फल दें वृक्ष यहाँ पर,

पानी  पी कर  मोती  उगले वही सीप है l

Friday, 7 July 2023

 

हमको क्या करना है जग में, लक्ष्य बनाओ निश्चित,

जीना, मरना तो  जीवन क्रम, भटके, हुये  पराजित |

आये हैं  किस हेतु  धरा पर, इस पर  करिये मंथन |

      व्यर्थ जायगा यह जीवन ही, फिर क्या मिले कदाचित |

Thursday, 6 July 2023

 

द्वेष, हिंसा के विचारों को  न कहने दो,

तुम अलगाव वादी पन्थ को न बहने दो l

राम को ईश्वर,अल्ला,या ईसा में न बाँटो,

आदर्श हैं राम उन्हें राम  ही  रहने दो l

Wednesday, 5 July 2023

 

जो सेवक हैं सही अर्थ में, वे तो समझें खुद को अफसर,

वेतन भोगी कहें  भले  ही, छोड़ें नहीं कोई  भी  अवसर l

जनहित के क्या काम करेंगे, सोच समझ जिनकी है लिप्सा,

समय नहीं जो दर्द सुन सकें, ऐसा ही  होता है अक्सर |

Tuesday, 4 July 2023

 

रहा उपेक्षित वही वर्ग ही, जो नेत्रत्व दिया करता है,

अधिकारों के साथ साथ ही, जो कर्तव्य किया करता है l

आज समय ने करवट बदली, पीड़ा और बढ़ा दी मन की,

प्यास बुझाये जो औरों की, वह अपमान पिया करता है l

Monday, 3 July 2023

 

गर्दिश में अपने दिन भी क्रूर होते हैं,

गैर तो  गैर  अपने  भी दूर होते हैं l

चाहते हैं सजायें खुआबों की महफिल,

कमबख्त अरमान  भी   चूर होते हैं l

Sunday, 2 July 2023

 

सृष्टि क्रम से जो जुड़ा, वह है पुरातन,

साध्य से  कैसे जुड़े, हों नित्य साधन l

धर्म मत  बाँटो, नया  है  या  पुराना,

नित्य नूतन सत्य  ही  होता सनातन l

Saturday, 1 July 2023

 

आज नायक  हो  रहे हैं बदचलन,

स्वार्थ लिप्सा का तना है आवरण l

आज  कैसे  शुद्ध  हो अन्त:करण,

जब  प्रदूषित  ही हुआ  पर्यावरण l