Sunday, 30 April 2023

                                    पैर जब कभी चादर से बाहर को आते हैं,

उसूलों  से  बड़े जब ख्बाव  हो जाते हैं |

परेशानी  का  अनुभव तो देर  से होता.

दुखित मन आपका,स्वयं आप से कतराता |

 

Wednesday, 26 April 2023

 

चन्दन हर  पोधा महकाये  जो समीप है,

जग को जो आलोकित कर दे वही दीप है l

पत्थर चोट सहे, पर फल दें वृक्ष यहाँ पर,

पानी  पी कर  मोती  उगले वही सीप है l

 

फल देतें  हैं  सदा सभी को, वृक्ष नहीं कुछ खाते,

धरती   को सिंचित करते ही,बादल फिर उड़ जाते l

प्यास बुझाती प्यासे की ही, सरिता लब जल पीती,

पर  उपकारी  जो  होते  हैं, धन्य  वही  हो पाते l

 

इर्ष्या मन में जगे, समझ लो यही डाह है,

पाने  की  इच्छा हो मन में, यही चाह है l

प्रगति पन्थ पर बढने की जिज्ञासा मन में,

सत्य  यही  है, “जहाँ चाह है  वही राह है”l

 

मिले सफलता जीवन में तुम हार न मानो,

छू सकते आकाश, स्वयम को तो पहिचानो l

जो  करते अभ्यास  नितन्तर, आगे  बढ़ते,

तुम  में  है  सामर्थ, मन्त्र  यह मेरा मानो l

Tuesday, 25 April 2023

 

सबको खुश करने  में  मैंने, जाने  कितने  कष्ट सहे हैं,

कोई कुछ  भी  कहे वस्तुत:, यह तो  मेरे  फर्ज रहे  हैं |

क्या कह दूँ मैं आज चलन को,मतलब के सब यार बने हैं,

मौका अपना देख समझ कर, धारा के संग सभी  बहे  हैं |

Monday, 24 April 2023

छोटी वहर में==    जो माया के दास, वही रहते उदास .

              माया छोडो ख़ास, रहे आपके पास.

 

राजनीति   ईमान,

छलबल है दिनमान.

सीखो तुम,अन्यथा,

क्षमा करो श्री मान.

 

जीतो   समर,

कस लो कमर.

परिणाम  है,

होगे  अमर.

 

बिना मात्रा के==

जतन जतन समरत अब बचपन,

दमकत उड़त  रहत  अब उपवन.

चमकत बदन, रजत सम दरसन,

अमरत बरसत अब  इन  अधरन.

गुरुवर सदा सिखाया करते, मन में साहस,दृढ़ता,

आंकी गई श्रेष्ठतम जग में, सदा पिता की क्षमता.

बिन माँगे सलाह मिल जाती अक्सर आम जनों से,

कोई सानी नहीं जगत में,बढ़ कर माँ की ममता. 

Saturday, 22 April 2023

 

बुद्धि, विवेकी पुरुषों की बातों को सुनता,

संग कभी पौराणिक आख्यानों को चुनता |

वही सामने आप सभी  के  मैं रखता हूँ,

साथ कल्पना  के  ताने बानों को चुनता |

 

छान बीन कर तब निचोड़कर, कुछ मैं पाता ,

माँ वाणी की  कृपा मान, उसके गुण गाता,

शायद कुछ कल्याण  हो  सके  मेरे द्वारा,

गुरु, देवों संग विज्ञजनों  को  शीश झुकाता |

   

        सदाचार संग नम्रता, क्षमा, दया का भाव,

        सत्य, शील ही प्रेम है, रहता नहीं अभाव |

     

       ज्ञान सहज पायें सभी, रहें अगर निश्चिन्त,

        अहंकार बस छोड़ दें, झूठे सभी लगाव |

  

   काम, क्रोध या घृणा भाव ही,संयम रहित विचार,

    चिन्तित मन  रहता सदा, पाता  कष्ट अपार |

Friday, 21 April 2023

“कौआ कान ले गया” चित को  क्यों भरमायें,

कुछ ने कुछ कह दिया सत्य उसको क्यों मानें.

आँखों देखा  सत्य  झूँठ  भी  हो  सकता  है,

क        कभी  अकारण  जन्म  लिया  करती  शंकाएं |          

Thursday, 20 April 2023

 

दया दिखाओ दीनों के प्रति, तभी याद तुम आ सकते हो,

भला करो जग में रह प्राणी, तभी लाभ तुम पा सकते हो.

र व को जो भी याद करेगा, उससे वह  वर पा  जायेगा,

सच्चे मन से मरा कहो तो, सदा राम मन भा सकते हो.

Wednesday, 19 April 2023

 

             हों सजग हम, यही सबको बताना है,

करो मजबूत खुद को.यह दिखाना है |

हर समय उत्तम समय आता नहीं है,

समय को ही हमें उत्तम बनाना है |

Saturday, 15 April 2023

 शब्द को उल्टा करें ===

दया दिखाओ याद आवगे,

भला करो तो लाभ पावगे.

रव से तो वर सब पाते हैं,

मरा कहो तो राम गावगे.


Friday, 14 April 2023

 

जितनी कम जिसकी इच्छायें, उसकी सुखी  रही है काया,

विषय भोग में लिप्त रहा जो, उसने दुख को ही उपजाया.

सब ग्रन्थों का सार यही है, सुख दुख की यह ही परिभाषा,

तृष्णा, लोभ, मोह को छोड़ो, संतों ने  यह  ही दुहराया.

Thursday, 13 April 2023

 

            काजल का टीका दे, प्रभु से यही मनाया,

सदा सुखी हो, पड़े न उन पर काली छाया.

लेकिन जब अन्तिम पड़ाव आया जीवन में,

किन बच्चों ने मन से उनको सुख पहुंचाया.

Wednesday, 12 April 2023

 

दुआ ही मांगते हैं  यह, सजे पकवान हर थाली,

रहे रोशन सदा बगिया, खिलें बस फूल हर डाली.

बढायें भाई चारा  हम, मुवारक वाद  हो  सबको,

मनें बस  ईद खुशियों  से, रहे  बस रोज दिवाली.

Tuesday, 11 April 2023

 

असली हर किरदार, आपका  ही परिचय है,

वही सफल है, जिसका होता द्दढ निश्चय है.

आप निभाते वही कि जिसकी मिली भूमिका,

सच मानो तो यहाँ जिन्दगी खुद अभिनय है.

Sunday, 9 April 2023

तुम दूसरों  की  रोटियों पर  मत पलो,

तुम बाँट  कर  खाओ, सदा फूलो फलो.

सन्गठन में शक्ति है, इसको समझ लो,

रास्ता है ऐक, तुम सदा मिल कर चलो.

 

दिन में ऐसे काम, रात में  सुख से सोयें,

चार मास विश्राम, आठ में तन सुख खोएँ.

जीवन में हरि नाम, गाँठ  ही  ऐसी बाँधें,

पहुँच सकें सुर धाम, पाप सब अपने धोएं.

 

असली हर किरदार, आपका  ही परिचय है,

वही सफल है, जिसका होता द्दढ निश्चय है.

आप निभाते वही कि जिसकी मिली भूमिका,

सच मानो तो यहाँ जिन्दगी खुद अभिनय है.

 

रंग मन्च के अभिनय में सहगान बना दो,

साहस देकर मुझको भी बलवान बना दो.


Saturday, 8 April 2023

 

अब तक मोह प्रेम वश हो कर जी ललचाया,

झूठे  रिश्ते नाते  जग  में, यह  ही  पाया.

उसने कब चाहा तुम उनको  धन दौलत दो,

केवल दुख में साथ निभा दो, यह ही भाया.

Friday, 7 April 2023

 

जग सुधर जायगा, खुद  को सुधारिये,

दाग चेहरे  के  दिखें, दर्पण  दिखाइये.

अँधेरे की क्या मजाल कि वह रह सके,

रोशनी  हो  जायगी,  दीपक  जलाइये.

Thursday, 6 April 2023

 

बल,पौरुष के कारण जग में, नर ने माना श्रेष्ठ कर्म है,

धर्म भीरु होने  के  कारण, नारी  कहती श्रेष्ठ  धर्म है.

नहीं कल्पना है  यह कोरी, मानो तो  विश्वास अटल है,

कोई इसको जान    पाया, इसमें उसका छिपा मर्म है.

Wednesday, 5 April 2023

 

भाव हैं  उदिग्न मन की  ही तपन,

साधना स्वर ही रहा संगीत का धन.

लय अगर बस छन्द का श्रृंगार कर दे,

गीत क्या  है  सृष्टि का  नूतन सृजन.

Tuesday, 4 April 2023

 

धर्म  ओढ़े  ढोंग का  ही  आवरण,

              अर्थ है निज स्वार्थ  मे  अंत:करण |

मोक्ष को तुमही बतादो क्या कहें हम,

काम का जब  कर रहे हम अनुशरण.

Monday, 3 April 2023

 

सत्य क्या है, झूठ  का पृष्ठावरण,

कर्म है जब स्वार्थ का ही आचरण.

लोभ  ने  अपना बढाया कद यहाँ,

क्रोध का  क्या कर सकेंगे संवरण.

Sunday, 2 April 2023

 

उपवन का हर पौधा सींचा, और सँभाली उसकी काया,

फल देने का मौका जब था, तो अपनों ने ही विसराया.

मतलब के सब साथी होते, सेवा से क्या उनका नाता,

चलता आया आदि काल से, ऐसी ही है उसकी माया,