Saturday, 31 August 2024

 

आदि काल से बहता आया, नहीं रुका नदियों का पानी,

सदा सत्य का मार्ग प्रदर्शन, करती है मुनियों की वाणी |

कवि ही नई दिशा देता है, सदा राष्ट्र जाग्रत करने में,

उसका हृदय बहुत कोमल है, इसीलिए जग में सम्मानी |

Friday, 30 August 2024

 

परोपकार हो बस जीवन में, समझूंगा मैं महा दान है,

धन दौलत तो नहीं रही है,सबका रक्खा सदा मान है,

कवि तो फटे हाल होता है, केवल भाव विचार साथ हैं,

फिर भी मेरे पास बचा है,बस वह केवल स्वाभिमान है |

Thursday, 29 August 2024

समझ है, समस्या की तह तक जाने की,

शक्ति है, समझने  और  समझाने  की |

बहकाने  से   सदा   सावधान   रहना ,

कभी  कोशिश  न  करना आजमाने की |


Wednesday, 28 August 2024

 

बल पौरुष के कारण जग में, नर ने माना श्रेष्ठ कर्म है,

धर्म भीरु होने  के  कारण, नारी  कहती  श्रेष्ठ धर्म है |

नहीं कल्पना है यह कोरी, मानो तो  विशवास अटल है,

कोई जान  न पाया उसको, इसीलिए तो  श्रेष्ठ मर्म है |

Monday, 26 August 2024

पैर जब कभी चादर से बाहर को आते हैं,

उसूलों  से  बड़े जब ख्बाव  हो जाते हैं |

परेशानी  का  अनुभव तो देर  से होता.

 जब अपने साथी साथ छोड़ कर जाते हैं  |पैर जब कभी चादर से बाहर को आते हैं,

उसूलों  से  बड़े जब ख्बाव  हो जाते हैं |

परेशानी  का  अनुभव तो देर  से होता.

                                                    जब अपने साथी साथ छोड़ कर जाते हैं 

                                                   |पैर जब कभी चादर से बाहर को आते हैं,

उसूलों  से  बड़े जब ख्बाव  हो जाते हैं |

परेशानी  का  अनुभव तो देर  से होता.

                                                   जब अपने साथी साथ छोड़ कर जाते हैं  |

                                                   पैर जब कभी चादर से बाहर को आते हैं,

उसूलों  से  बड़े जब ख्बाव  हो जाते हैं |

परेशानी  का  अनुभव तो देर  से होता.

 जब अपने साथी साथ छोड़ कर जाते हैं  | 

Sunday, 25 August 2024

 

उम्मीद क्यों रखते हो अपनी शान की,

नेक नीयत ही भली आपके ईमान की |

रव करेगा हर मदद,यह छोड़ दो उस पर,

 फ्रिक्र रहती  है  उसे, सारे जहाँन  की |

Saturday, 24 August 2024

 

नहीं हम आज कहते  हैं, पुरानी  यह कहावत है,

सही ईमान दिल ने सर्वदा  ही  दु:ख को झेला |

मगर जब जान जाते असलियत तो साफ़ होता है,

सदा  ही सत्य जीता है, नहीं उससा  कोई होगा |

 

 

उम्मीद क्यों रखते हो अपनी शान की,

नेक नीयत ही भली आपके ईमान की |

रव करेगा हर मदद,यह छोड़ दो उस पर,

 फ्रिक्र रहती  है  उसे, सारे जहाँन  की |

 

काम में यदि है अनिच्छा तो बला है,

काम में यदि मन लगे तो यह कला है |

हो लगन बस काम में यह ही प्रमुख है,

वह सफल  है, पास जिसके  हौसला है

 

लक्ष्य सामने रखने वाले, कभी नहीं रुकते हैं,

जो श्रम के आदी हो जाते,कभी नहीं थकते हैं l

धीरे धीरे चलो, सामने लक्ष्य बनाओ निश्चित,

कितनी भी कठनाई आये, कभी नहीं झुकते हैं l

     

 

       देश ,परिस्थिति और काल का, जिसको रहता ज्ञान,

      साहस, शोर्य जगाने का ही, जो करता अभियान

       वैसे से  तो वह  सरल  प्रकृति का, प्राणी है बस,

        मिटता है आन,वान पर, यह उसकी पहिचान l

Friday, 23 August 2024

फल से लदे  जो वृक्ष, उन पर  मारते पत्थर,

                                                 काँटे उगे जिस पेड़ पर, छू कर तनिक देखो | 

Thursday, 22 August 2024

 

अस्मत के  खरीदार सब  उनके मकान में,

अब आबरू तक बिक रही उनकी दुकान में |

सबसे  बड़ा  सन्ताप  गरीबी  को  भोगना,

यह बात  क्यों लिक्खी नहीं गीता,कुरआन में

 

Wednesday, 21 August 2024

 

फासला घट जायगा, हमदम बनाओ,

हो सके तो तुम किसी का गम मिटाओ |

शान्ति सुख पा जावगे यह देखना तुम,

बस  किसी के घाव पर मरहम लगाओ |

Tuesday, 20 August 2024

 

फौलाद की   चट्टान को भी फोड़ सकते हो,

कोई कठिन अवरोध हो तुम तोड़ सकते हो l

तुम युवा हो, बस इरादा नेक सच्चा चाहिये,

सामर्थ  है तुम में, हवा रुख मोड़ सकते हो l

Monday, 19 August 2024

 

सावन

 

उगाओ प्रीति हरयाली,

बंधाओ प्रेम की राखी,

करो सम्मान नारी का,

सजाओ इस धरा को तुम,

जगाओ शौर्य को अपने,

दया का भाव मन हो,

जियेंगे शान्ति हित में हम,

झुकाओ इस गगन को तुम |

 

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